बिल्थरारोड (बलिया)। उभांव थाना एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में आ गया है। एक युवती ने क्षेत्र के एक वन दरोगा पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए बताया कि पहले उसने मंदिर में शादी करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में सबूत मिटाकर कोर्ट मैरिज का आश्वासन दिया। जब युवती ने कोर्ट मैरिज के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने इससे भी इंकार कर दिया और साथ रखने से भी मना कर दिया। पीड़िता न्याय के लिए लगातार उभांव थाने के चक्कर लगाती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः वह आजमगढ़ स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंची, जहां पूरे मामले की शिकायत करने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब आरोप लगा कि उभांव थाने में तैनात पूर्व क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक द्वारा चार्जशीट पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर युवती को मिलने के लिए बुलाया जा रहा था। इस संबंध में कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और 14 अप्रैल को क्राइम इंस्पेक्टर नरेश मलिक को निलंबित कर दिया गया। इसी ऑडियो में युवती ने यह भी आरोप लगाया कि थाना प्रभारी संजय शुक्ला द्वारा भी उसे बार-बार परेशान किया जा रहा था। आरोपों से संबंधित ऑडियो वायरल होने के बाद उच्च अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 अप्रैल को थाना प्रभारी संजय शुक्ला को भी निलंबित कर दिया। दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद अब उभांव थाने की कमान नए थाना प्रभारी दिनेश कुमार पाठक को सौंपी गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोगों की निगाहें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।









