कानपुर गैंगरेप
कानपूर के सचेंडी क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और गैंगरेप की घटना सामने आई है, जिसमें एक स्थानीय पत्रकार और पुलिस का दरोगा शामिल है। यह मामला 5-6 जनवरी 2026 का है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की लापरवाही को उजागर करता है।
घटना का विवरण
पीड़िता सोमवार रात करीब 10 बजे घर से बाहर निकली थी, जब आरोपी शिवबरन (पत्रकार/यूट्यूबर) और भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या ने स्कॉर्पियो कार से उसे अपहरण कर लिया। दोनों ने करीब दो घंटे तक कार के अंदर गैंगरेप किया और बेहोश होने पर उसे घर के बाहर फेंक भाग गए। स्कॉर्पियो गाड़ी दरोगा अमित मौर्या की थी।
प्रारंभिक पुलिस प्रतिक्रिया
पीड़िता के भाई ने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन चौकी पर दरोगा का नाम बताने पर परिवार को भगा दिया गया। मंगलवार को जैसे-तैसे FIR दर्ज हुई, लेकिन POCSO एक्ट की धाराएं नहीं जोड़ी गईं और आरोपी अज्ञात बताए गए। मेडिकल परीक्षण कराया गया, लेकिन शुरुआती लापरवाही के कारण मामला दबाने की कोशिश हुई।
कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पत्रकार शिवबरन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दरोगा अमित मौर्या फरार है और उसकी तलाश में चार विशेष टीमें लगी हैं। लापरवाही पर DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी हटाए गए और सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह सस्पेंड हो गए। दरोगा को निलंबित भी किया गया है।









