By जितेन्द्र वर्मा
*पिटाई के बाद दलित परिवार को किया घर छोड़ने को मजबूर
धर्मांतरण के आरोप में साजिश की
पयागपुर (बहराइच)। आदर्श नगर पंचायत पयागपुर के वार्ड 12 में एक दलित माँ-बेटे को पड़ोसी परिवार ने इतनी बुरी तरह पीटा कि आतंकित होकर पीड़ित परिवार को अपना घर छोड़कर अलग बसने पर मजबूर होना पड़ा है। इस दलित उत्पीड़न की घटना से बचने के लिए एक दूसरे पड़ोसी पर प्रलोभन देकर धर्मांतरण का कथित प्रयास का आरोप लगाया गया है, जिसे आसपास के लोग दलित उत्पीड़न के मामले से ध्यान भटकाने की साजिश के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल, पीड़ित दलित परिवार की शिकायत पर पुलिस जाँच में जुटी है।
*मारपीट और अपमान का आरोप*
ज्ञात हो कि वार्ड 12 की नई बस्ती बगिया निवासिनी दलित महिला राधा देवी ने स्थानीय पुलिस में तहरीर दी है। उन्होंने अपने पड़ोसी परिवार गोलू पटवा और उनकी पत्नी नीलम पटवा पर बीती 9 अक्टूबर को उन्हें और उनके बेटे अर्जुन को घसीट-घसीट कर बुरी तरह पीटने और अपमानित करने का आरोप लगाया है। दलित महिला और बेटे अर्जुन की पिटाई का वीडियो स्थानीय सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रहा है।
पीड़ित महिला ने तहरीर में यह भी बताया है कि उन्होंने बीती 6 अक्टूबर को भी अपने उत्पीड़न के आरोप में शिकायत दी थी।
*पड़ोसियों का दावा: पुरानी तहरीर से चिढ़कर की पिटाई*
नाम न छापने की शर्त पर दोनों परिवारों के पड़ोसियों ने बताया कि थाने में शिकायत से चिढ़कर बीती 9 अक्टूबर, गुरुवार शाम को गोलू पटवा ने दलित महिला के बेटे अर्जुन को खींचकर ले जाकर पीटना शुरू कर दिया। पड़ोसियों के अनुसार, जब बेटा बुरी तरह से पिट रहा था और माँ (राधा देवी) पड़ोसियों से गुहार लगाते हुए बचाने आईं, तो गोलू की पत्नी नीलम ने उन्हें पटक-पटक कर गाली देते हुए मारना शुरू कर दिया।
*उत्पीड़न से ध्यान भटकाने के लिए धर्मांतरण का आरोप?*
पीड़ित महिला ने जब पुलिस में गुहार लगाई, तो अगले ही दिन सुबह दलित उत्पीड़न की कार्रवाई से कथित रूप से ध्यान भटकाने के लिए गोलू पटवा के परिवार ने एक अल्पसंख्यक पड़ोसी पर धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने का आरोप लगा दिया। जब नीलम पटवा से पूछा गया कि डेढ़ महीने से प्रलोभन देने की सूचना उन्होंने परिवार, पड़ोसी और पुलिस को क्यों नहीं दी, तो वह इस सवाल पर कन्नी काट गई।
*आतंकित परिवार ने छोड़ा घर*
परिणामस्वरूप, दलित परिवार इतना आतंकित है कि दोबारा पिटाई के डर से उसने अपने किराए के मकान को छोड़कर भाग जाने में ही अपनी भलाई समझी।
पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण पीड़ित दलित महिला ने आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है और दलित उत्पीड़न व धर्मांतरण के आरोप, दोनों पहलुओं की पड़ताल कर रही है।













