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उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट और इसके प्रभाव

 उत्तर प्रदेश में मॉनसून की बारिश ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसमी सिस्टम के कारण तराई और दक्षिणी क्षेत्रों में भारी बारिश हुई। सहारनपुर में सबसे अधिक 140 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि गोरखपुर में 75.2 मिमी और बलिया में 73.3 मिमी बारिश हुई।

पूर्वी जिलों में मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बलिया, गोरखपुर, कुशीनगर, जौनपुर, बलरामपुर, और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले सप्ताह भी इन इलाकों में तेज बारिश हुई थी, जिससे नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई और किसानों की फसलें प्रभावित हुईं। बाढ़ की स्थिति से कम से कम 5000 परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई के मकान जलमग्न हुए। सड़कें टूट जाने की वजह से आवागमन भी बाधित हुआ। जिलाधिकारी ने राहत तथा बचाव कार्य तेज कर दिया है और आपात स्थिति के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल को तैनात किया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों को खाने-पीने का सामान और अस्थायी आश्रय प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही, जल स्तर पर नजर रखने के लिए Doppler रडार का उपयोग किया जा रहा है जिससे पूर्वानुमान बेहतर बनाया जा सके। इस अलर्ट से किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

बाढ़ से प्रभावित 37 जिले

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के 37 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इनमें अयोध्या, भदोही, श्रावस्ती, उन्नाव, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, कासगंज, हरदोई, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, मेरठ, हापुड़, गोरखपुर, गोंडा, बिजनौर, बदायूं, मीरजापुर, संत कबीर नगर, प्रयागराज, वाराणसी, चंदौली, जालौन, कानपुर देहात, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, आगरा, औरैया, चित्रकूट, बलिया, बांदा, गाजीपुर, हमीरपुर, इटावा और फतेहपुर शामिल हैं। इन जिलों की 95 तहसीलों और 1929 गांवों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है।

राहत और बचाव कार्य तेज

सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं। राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि 6,95,362 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिन्हें सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, 84,777 मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। बाढ़ से 574 लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 472 को सहायता राशि दी जा चुकी है। 65,202 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है। राहत सामग्री पहुँचाने के लिए 2,622 नावें और मोटरबोट्स का उपयोग किया जा रहा है।

सरकार का सक्रिय प्रयास

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मंत्री और अधिकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और पीड़ितों को हर संभव मदद पहुँचाई जा रही है। सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए त्वरित राहत और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की है ताकि इस आपदा से प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौटने में मदद मिल सके।

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